धर्म
हज के दौरान एक ही कमरे में नहीं रह सकेंगे मियां और बीवी, सऊदी हुकूमत का बड़ा फैसला.

वक्फ टुडे :
दिल्ली : हर साल देश भर से हर साल करीब पौने दो लाख हज यात्री सऊदी अरब रवाना होते हैं। सऊदी अरब में हज यात्रियों को ठहराने के लिए हज कमेटी ऑफ इंडिया होटल व बिल्डिंग किराए पर लेती है। कमरों के साइज के मुताबिक एक ही राज्य के महिला व पुरुष हज यात्रियों का ग्रुप बनाकर एक ही कमरों में ठहराने की व्यवस्था रहती है।
हज कमेटी ऑफ इंडिया ने हज 2026 की गाइडलाइन जारी कर बताया है कि सऊदी अरब सरकार ने महिला और पुरुष हज यात्रियों को एक साथ एक ही कमरे में ठहराने की व्यवस्था खत्म कर दी है। सऊदी सरकार के नियम के मुताबिक पुरुष आजमीन को महिला आजमीन के कमरों में प्रवेश की भी अनुमति नहीं मिलेगी।
वक्फ वेलफेयर फोरम इस फैसला का खैरमकदम किया। ये आवाज 2018 से लगातार उठाई जा रही थी कि गैर मेहराम को अलग रखा जाए ताकि शरई तौर पे पर्दा कायम बनाया जा सके।



