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देवरिया मजार प्रकरण में हाईकोर्ट का आदेश, पांच सप्ताह तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश: 

कदीम मजार और कब्रिस्तान का रकबा 30 डिसमिल

देवरिया मजार प्रकरण में हाईकोर्ट का आदेश, पांच सप्ताह तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश:

वक्फ टुडे: रिपोर्टर

लखनऊ : देवरिया जनपद के मजार कमेटी शहीद अब्दुल गनी शाह रहमतुल्लाह द्वारा दायर याचिका पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अहम आदेश दिया है। माननीय न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की एकलपीठ ने मजार व कब्रिस्तान से जुड़े विवाद में पांच सप्ताह तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

मामला WRIT-C संख्या 1362/2026 (मजार कमेटी शहीद अब्दुल गनी शाह बनाम राज्य सरकार व अन्य) से जुड़ा है। याचिका में मांग की गई थी कि जब तक आयुक्त गोरखपुर मंडल के समक्ष लंबित अपील में अंतरिम राहत प्रार्थना पत्र पर निर्णय नहीं हो जाता, तब तक राज्य प्रशासन मजार कमेटी के शांतिपूर्ण कब्जे में हस्तक्षेप न करे।

 

राज्य सरकार द्वारा मजार कमेटी के विरुद्ध उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 31/32 के तहत वाद दाखिल किया गया था, जिसमें 19 नवंबर 2025 को आदेश पारित हुआ। उक्त आदेश के खिलाफ मजार कमेटी ने आयुक्त गोरखपुर मंडल के समक्ष अपील दाखिल की, साथ ही अंतरिम राहत के लिए आवेदन भी प्रस्तुत किया।

याचिकाकर्ता पक्ष का कहना था कि अपील व स्थगन प्रार्थना पत्र लंबित होने के बावजूद प्रशासन द्वारा 11 जनवरी 2026 को मजार और कब्रिस्तान के कुछ हिस्सों को ध्वस्त कर दिया गया। न्यायालय ने कहा कि जब वैधानिक अपील लंबित है, तो अंतरिम राहत के आवेदन पर शीघ्र निर्णय किया जाना चाहिए।

कोर्ट ने सहमति से याचिका का निस्तारण करते हुए याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वह एक सप्ताह के भीतर आयुक्त के समक्ष शीघ्र सुनवाई का प्रार्थना पत्र दे।

जबकि न्यायालय ने आदेश दिया कि प्रार्थना पत्र दिए जाने के तीन सप्ताह के भीतर अपीलीय प्राधिकारी अंतरिम राहत पर निर्णय करे। तब तक या अधिकतम पांच सप्ताह तक, जो पहले हो, वर्तमान स्थिति (स्टेटस-क्वो) बनाए रखी जाएगी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है और अपीलीय प्राधिकारी कानून के अनुसार स्वतंत्र रूप से निर्णय लेगा।

इस 22 जनवरी 2026 को आएं आदेश के बाद मजार प्रकरण में फिलहाल प्रशासनिक कार्रवाई पर रोक लग गई है, जिससे क्षेत्र में चर्चित इस विवाद को लेकर स्थिति यथावत बनी रहेगी हैं।

गौर तलब है कि वक्फ वेलफेयर फोरम ने देवरिया प्रकरण में वक्फ बोर्ड को चिट्ठी  दिनांक 12 जनवरी 2026 को  लिखकर इल्लीगल डिमोलिशन में शामिल मैनेजमेंट कमेटी और जिलाप्रशासन को करवाई कि मांग पर , जनाब मासूम अली सरवर  IAS , मुख्य कार्यपालक अधिकारी उत्तर पदेश सन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने जिलाधिकारी से फोरम चिट्ठी के आधार पर कार्रवाई के सिफारिश किया। नतीजतन , बुल्डोजर की करवाई रुक गई  और 06 लोगों पर नामजद FIR दर्ज हुई।

लेटर जिलाधिकारी …

 

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