
विधायक के पत्र पर रजिस्टर्ड मजार “वक्फ प्रॉपर्टी” पर जिला प्रशासन ने बुलडोजर चलाया।
जिला प्रशासन और विधायक ने सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देश का किया अवहेलना।
वक्फ टुडे : दयानंद
लखनऊ: एक और वक्फ संपत्ति बुलडोजर के भेट चढ़ी उत्तर प्रदेश के सरकार के विधायक के लेटर पर हुई कार्रवाई।
विधायक के बार बार पत्र लिख कर नियमविरुद्ध जिला प्रशासन पर दबाव बनाया।
गौर तलब है कि शैलभ मणि त्रिपाठी,विधायक देवरिया के दिनांक 28.8.2025 लेटर लिख कर जिलाधिकारी से डिमोलिश करने के सिफारिश किया था।

मजार प्रबंधन कमेटी को उर्स के लिए जिला प्रशासन ने इजाजत देने से ला एवं आर्डर का हवाला देकर मना कर दिया था।


जबकि यह मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट में पेंडिंग चल रहा है।

यह मजार वक्फ बाय यूजर के श्रेणी वक्फ बोर्ड में दर्ज है , वक्फ एक्ट अमेंडमेंट 2025 के मुताबिक 5 अप्रैल 2025 से पहले वक्फ अभिलेख में इंद्राज सभी संपतियों वक्फ मानी* जायेगी और उन संपत्तियों का “उम्मीद पोर्टल” पर रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है।
मो शाहिद अनवर , एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि
सरकार अपने बनाए हुए कानून का नहीं मान रही है और ना ही सर्वोच्च न्यायलय के आदेश को और मनमाने ढंग से इबादतगाहों पर बुलडोजर का दौर लगातार पूरे मुल्क में चलाया जा रहा है। जब चुनी हुई सरकार , अदालत और संविधान का सम्मान नहीं करती है तो आवाम की जायदाद की सुरक्षा और सामाजिक न्याय मिलना मुमकिन नहीं ।
वक्फ वेलफेयर फोरम ने वक्फ बोर्ड और कमेटी को विधायक और जिला प्रशासन के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की मांग की है ।
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