
भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के ‘एआई फॉर डेमोक्रेसी’ विशेष सत्र को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संबोधित किया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने संबोधन में कहा कि एआई लोकतंत्र को अधिक पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाएगा।
दिल्ली : ओम बिरला ने कहा की भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र हैं। हमारा सिद्धांत सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय का रहा है। विश्व के कल्याण की भावना से भारत काम करता है। और यही हमारे संस्कार हैं।
ओम बिरला ने कहा कि ‘डिजिटल संसद’ और ‘संसद भाषिनी’ जैसी पहलें नागरिकों और संसद के बीच संवाद को सरल बना रही हैं।
अध्यक्ष ने कहा कि एआई लोकतांत्रिक संस्थाओं की विधायी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का बड़ा माध्यम बन रहा है।
उन्होंने Deepfake और गलत सूचना को लोकतंत्र के प्रति खतरा बताते हुए कहा कि AI का उपयोग सत्य और विश्वसनीयता को मजबूत करने में उपयोग होना चाहिए।
ओम बिरला ने कहा कि संसद और राज्यों की विधानसभाओं की चर्चाओं को एआई से व्यवस्थित कर जनता के लिए सरलतापूर्वक डिजिटल संसद पर उपलब्ध कराया गया है, जिससे जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही बढ़ती है।
अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि में एआई का उपयोग ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को गति देगा।
ओम बिरला ने कहा कि एआई के साथ मानवीय संवेदनाएँ और नैतिकता को सर्वोपरि रखना आवश्यक है।
यह कार्यक्रम देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार और इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भारतीय संस्कृति एवं उसके मूल्य-संस्कारों को विश्वभर में पहूँचाने के गायत्री परिवार उल्लेखनीय योगदान के लिए उसकी सरहाना भी की।
अध्यक्ष ने कहा कि भारत का डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर विश्व के लिए अनुकरणीय है और भारत अपने अनुभव वैश्विक समुदाय के साथ साझा कर रहा है।




