ग्राम सभा की जमीन पर मस्जिद बनाने के लिए अदालत ने इमाम पर 6.94 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया
लखनऊ, 10 मार्च
लखनऊ: संभल की एक तहसीलदार अदालत ने ग्राम सभा की जमीन पर घर, मस्जिद और दरगाह बनाने के आरोप में एक मस्जिद के इमाम और उसके भाई पर 6.94 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है और उन्हें जमीन खाली करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने पाया कि यह परिवार 1972 से ही अवैध रूप से जमीन पर कब्जा किए हुए था।
यह आदेश क्षेत्रीय लेखपाल (राजस्व अधिकारी) द्वारा प्रस्तुत एक रिपोर्ट के आधार पर पारित किया गया था, जिसमें कहा गया था कि सैफ खान सराय गांव में स्थित 0.1340 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेखों में ग्राम सभा की संपत्ति के रूप में दर्ज है।
रिपोर्ट में दावा किया गया कि जामा मस्जिद के इमाम आफताब हुसैन ने अतिक्रमण किया था।
लगभग 20 साल पहले एक घर, एक मस्जिद और एक दरगाह सहित स्थायी संरचनाओं का निर्माण करके जमीन अधिग्रहित की गई थी।
संभल तहसीलदार धीरेंद्र सिंह ने कहा, “दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद, अदालत ने प्रतिवादियों को उस जमीन को खाली करने का आदेश पारित किया, जो राजस्व अभिलेखों में ग्राम सभा की संपत्ति के रूप में दर्ज है।
उन्होंने बताया कि 6.94 करोड़ रुपये का जुर्माना क्षेत्र के लागू सर्किल रेट के आधार पर निर्धारित किया गया है, जिसकी गणना 1972 से की गई है, जिस अवधि से भूमि पर उनका कब्जा पाया गया है। तहसीलदार ने आगे कहा कि बेदखली और लगाए गए जुर्माने की वसूली की कार्यवाही शीघ्र ही शुरू की जाएगी।लेखपाल की रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए कार्यवाही शुरू की गई और पिछले साल 24 जून को आफताब हुसैन को नोटिस जारी किया गया।
गौरतलब है कि इसी तरह का एक मामला 2025 में माेदीनगर नगर पालिका की जमीन पे मस्जिद की दीवार को इलीगल कब्जा के आधार पे मोदीनगर में जमा मस्जिद पर लोकल तहसीलदार की अदालत ने 1.20 करोड़ का जुर्माना लगाया। मस्जिद के मुतवल्ली काटी मो आरिफ ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में अपील दायर की है। कारी मो आरिफ , वाइस प्रेसिडेंट , वक्फ वेलफेयर फोरम के मुताबिक यह मामला लोकल राजनीतिक और दबाव बनने के लिए ऐसा किया गया । मस्जिद कमेटो ने 40 साल पुराने इलीगल एंक्रोचमेंट कब्रिस्तान ,,(रकबा 4 एकड़ ) की जमीन से खाली करने के बाद पेशबंदी के तहत ऐसा ऑर्डर कराया गया ।
तहसील्दार ऑर्डर की कापी



