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गांधी जयंती पर MNREGA में ‘ महा घोटाला’: मौदहा ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में फर्जी हाजिरी का खेल उजागर

गांधी जयंती पर MNREGA में ‘होलसेल घोटाला’: मौदहा ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में फर्जी हाजिरी का खेल उजागर

हफिजुरहमान  संवादाता

मौदहा/हमीरपुर : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के दिन (2 अक्टूबर 2025) जब पूरा देश उनके आदर्शों को नमन कर रहा था, ठीक उसी समय हमीरपुर जिले के मौदहा विकासखंड की ग्राम पंचायतों में मनरेगा के नाम पर भ्रष्टाचार की नई इबारत लिखी जा रही थी। जांच में सामने आया है कि पंचायत खैरी और लेवा में फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी खजाने को चूना लगाया गया।

जेंडर और फोटो में बड़ा अंतर
नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (NMMS) ऐप के रिकॉर्ड से खुलासा हुआ कि दोनों ग्राम पंचायतों में अलग-अलग कार्यस्थलों पर मस्टर रोल और अपलोड की गई फोटो में बड़ा अंतर पाया गया।  कहीं पुरुष मजदूरों की जगह महिलाओं की फोटो अपलोड की गई।

कहीं महिलाओं की जगह पुरुष मजदूर दिखाए गए।

जबकि मौके पर वास्तविक मजदूर मौजूद ही नहीं थे।

ग्राम पंचायत खैरी:

यहाँ मस्टर रोल नंबर 7135 में 10 मजदूरों (6 महिला व 4 पुरुष) की हाजिरी दर्ज है, लेकिन फोटो में लगभग 20 लोग दिखाई दे रहे हैं। मस्टर रोल नंबर 7136 में 3 पुरुष और 7 महिलाएं दर्ज हैं, जबकि फोटो में एक भी पुरुष नहीं है। इसी तरह मस्टर रोल नंबर 7137 व 7138 में भी गड़बड़ी सामने आई है।

ग्राम पंचायत लेवा:

यहाँ मस्टर रोल नंबर 7243 में 3 पुरुष और 5 महिला मजदूरों को दर्ज किया गया है, लेकिन अपलोड की गई जियोटैग फोटो में 7 पुरुष और 2 महिलाएं मौजूद हैं। इसी प्रकार मस्टर रोल नंबर 7240 और 7242 में भी यही खेल दोहराया गया।
बाक्स यहां तक

सचिव और एपीओ पर आरोप

जाँच में यह भी सामने आया कि पंचायत सचिव और सहायक विकास अधिकारी (एपीओ) की मिलीभगत से मजदूरों के जॉब कार्ड का इस्तेमाल कर फर्जी हाजिरी लगाई गई। जबकि कार्यस्थल पर मजदूर मौजूद ही नहीं थे। इससे स्पष्ट है कि मौदहा ब्लॉक में सुनियोजित तरीके बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है।

जिला प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच की माँग

इस मामले ने स्थानीय स्तर पर हड़कंप मचा दिया है। लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन को सभी पंचायतों के मस्टर रोल की तत्काल उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए। जेंडर, जियो-टैग और टाइमस्टैम्प की गहन पड़ताल की जानी आवश्यक है। साथ ही दोषी सचिव, एपीओ व अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोरतम आपराधिक कार्रवाई कराई जाए।नकली हाजिरी के नाम पर निकाली गई मजदूरी को भी तत्काल वसूला जाए और सरकारी खाते में वापस जमा कराया जाए।

अधिकारीयों की प्रतिक्रिया।

इस संबंध में जब मौदहा के खंड विकास अधिकारी एवं डीसी मनरेगा से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत खैरी एवं लेवा की जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच के बाद दोषियों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होगी।

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