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बहराइच में वक्फ कब्रिस्तान पर बुलडोजर चला।

कदीम आस्ताना रसूल शाह , बांसवाड़ा पर 02 दिन के नोटिस पर चला बुलडोजर।

बहराइच , यूपी में वक्फ कब्रिस्तान पर बुलडोजर चला

लखनऊ: बहराइच में मेडिकल कॉलेज में बुलडोजर चलाकर 10 मजारें ध्वस्त करा दी गईं।
बहराइच मेडिकल कॉलेज में 10 मजारें की गईं मिसमार
किया ।
यूपी के बहराइच में महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज परिसर में बनी 10 छोटी मजारों पर सोमवार को बुलडोजर चला। जिला प्रशासन ने इन्हें ध्वस्त करा दिया। इनको 24 साल पहले तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट ने अवैध बताया था।
इसके बाद इसका संचालन करने वाले लोगों ने कमिश्नर ने यहां अपील की थी। लेकिन, सात साल पहले 2019 में कमिश्नर ने भी तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट के आदेश को सही करार दिया था। इसके बाद अब ये कार्रवाई की गई है।

जिलाधिकारी कार्यालय के पास स्थित मेडिकल कालेज से लगी रसूल शाह बासवाडी का अस्ताना है।
इसमें पहले सिर्फ दो मजारें थी, जो वक्फ बोर्ड में दर्ज हैं।

इसके बाद कमेटी ने जिलाधिकारी के यहां अपील की। 2004 में ये अपील भी खारिज हो गई। फिर संबंधित पक्ष ने मंडलायुक्त के यहां आदेश के खिलाफ अपील की। 2019 में वहां से भी कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद कमेटी ने प्रशासन से इसको स्वयं हटाने की बात कही। वर्ष 2023 में मेडिकल कालेज बनने के बाद ये मजार उसके परिसर में आ गई थीं।

नगर मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद ने बताया कि 10 जनवरी 2026 को संबंधित पक्ष को अवैध मजारों को 17 जनवरी तक हटाने का नोटिस दिया गया था। लेकिन, मजारों को न हटाने पर जिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस बल की मौजूदगी में इन मजारों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सिर्फ दो मजारे ही वैध रूप से वक्फ बोर्ड में दर्ज थीं। उन्हें छोड़कर अन्य मजारों को हटा दिया गया है।
गौर तलब है कि जब वक्फ बोर्ड में इंद्राज वक्फ आमलक को जिला प्रशासन या वक्फ बोर्ड के अख्तियार में नहीं की वह उसे डिलीट करे , जब तक धारा 6 के अनुसार वक्फ ट्रिब्यूनल टाइटल डिसाइड नहीं करता ।
इस तरह का बुलडोजर चलना गैर कानूनी एवं सुप्रीम कोर्ट के एडवाइजरी के खिलाफवर्जी है।

सूत्रों के मुताबिक देवरिया जैसा मामला इसमें भी सामने आया है, इस आस्ताने का मुतवली  जहीर जिलाप्रशासन  से मिलकर अपने दो भाइयों की नौकरी मेडिकल कॉलेज में पक्की कराने के बदले में 02 दिन के नोटिस पर बुलडोजर चलाने की सहमति प्रदान किया।

वक्फ वेलफेयर फोरम, इस करवाई को वक्फ बोर्ड और मुतवली की लापरवाही की वजह  मानता  है।
क्या वक्फ की हिफाजत वक्फ बोर्ड और मुतवल्ली की नहीं ? अब तक देवरिया के मुतवल्ली पर बोर्ड ने कार्रवाई क्यों नहीं की?
अगर बोर्ड बहराइच और देवरिया मजार के मुतवल्ली पर कार्रवाई नहीं करेगा तो यह सिलसला थमेगा नहीं।

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