
सुप्रीम कोर्ट ने कदीमी कब्रिस्तान, तीन मस्जिद और घनी कदीमी आबादी में कई सौ मकान को बुल्डोजर से राहत दी।
दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम सुनवाई में पटना हाई कोर्ट के आदेश को रिकॉल कर दिया।
“वक़्फ़ वेलफेयर फोरम” की लीगल टीम को बड़ी कामयाबी
वक़्फ़ टुडे : अब्दुल गफ्फार
दिल्ली : (बिहार ) शाहपुर बघौनी , समस्तीपुर , सुप्रीम कोर्ट ने कदीमी कब्रिस्तान, तीन मस्जिद और घनी कदीमी आबादी में कई सौ मकान को राहत दी।
की कदीम मस्जिद , कब्रिस्तान के जमीन पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी के वक्फ के प्रॉपर्टी पर बगैर लीगल प्रोसीजर के अधिग्रहण पर वक्फ ट्रिब्यूनल के स्टे के फैसले को बरकरार रखा।
गौरतलब है कि पटना हाई कोर्ट ने बिहार वक्फ ट्रिब्यूनल के स्टे को खारिज कर नेशनल हाइवे ऑथोरिटी को मस्जिद, कब्रिस्तान एवं जमीन को अधिग्रहण की इजाजत दे दिया था।
इस मामले में लोकल कमेटी व जनाब शकील अहमद और शकीलउर रहमान, सैयद मसूद जावेद, जफर हसन और मोहम्मद शहजादव ने वक्फ वेलफेयर फोरम के लीगल टीम से कॉन्टैक्ट किया ,इस मामले को जनाब इकबाल अहमद अंसारी (पूर्व मुख्य न्यायाधीश पटना हाई कोर्ट) के सरपरस्ती में रिवीजन के लिए सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया गया।
फोरम के लीगल सीनियर एडवोकेट मोहम्मद शाहिद अनवर ने पैरवी की।
सुप्रीम कोर्ट ने पूरे मामले की सुनवाई के लिए बिहार वक्फ ट्रिब्यूनल जाने की हिदायत दी और नेशनल हाइवे ऑथोरिटी को जिलाधिकारी के पूर्व रिपोर्ट के आधार पर नए लेआउट प्लान पर विचार करने की भी बात कही ।
चेयरमैन , वक्फ वेलफेयर फोरम इस फैसले का ख़ैरमदम किया है और इस लीगल लड़ाई के लिए कमेटी साथ मिलकर कर कदीम मस्जिद की हिफाजत के लिए हर मुमकिन कोशिश जारी रखने का यकीन दिलाया है।


