उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन l
सर्वाधिक वृद्धि वाले 5 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र साहिबाबाद (82,898), जौनपुर (56,118), लखनऊ पश्चिम (54,822), लोनी (53,679), और फिरोजाबाद (47,757) थे।

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा द्वारा विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के संबंध में प्रेस वार्ता की।
वक़्फ़ टुडे : लखनऊ
लखनऊ : उत्तर प्रदेश राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम 27 अक्टूबर 2025 से 10 अप्रैल 2026 तक चला, जिसमें 166 दिनों के इस अभियान में 75 जिलों के अधिकारियों और 5,82,877 बूथ लेवल एजेंटों ने निष्ठा और लगन से काम किया।
विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 की समय-सारणी इस प्रकार थी: घोषणा 27-10-2025, गणना चरण 04-11-2025 से 26-12-2025, मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन 06-01-2026, दावा एवं आपत्ति अवधि 06-01-2026 से 06-03-2026, नोटिस चरण और निस्तारण 06-01-2026 से 27-03-2026, और मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 10-04-2026।
मसौदा मतदाता सूची (06 जनवरी 2026) में कुल मतदाता 12,55,56,025 थे, जिनमें पुरुष 6,88,43,159 जो 54.83%, महिला 5,67,08,747 जो 45.17%, और तृतीय लिंग 4,119 जो 0.01% से कम थे। 18-19 आयु वर्ग के मतदाता 3,33,981 जो 0.27% थे और जेंडर रेशियो 824 था।
अंतिम निर्वाचक नामावली (10 अप्रैल 2026) में कुल मतदाता 13,39,84,792 हो गए, जिनमें पुरुष 7,30,71,061 जो 54.54%, महिला 6,09,09,525 जो 45.46%, और तृतीय लिंग 4206 जो 0.01% से कम थे। 18-19 आयु वर्ग के मतदाता 17,63,360 जो 1.32% थे और जेंडर रेशियो 834 हो गया।
मसौदा से अंतिम सूची में कुल मतदाताओं में 84,28,767 की वृद्धि हुई, जिसमें पुरुष 42,27,902, महिला 42,00,778, तृतीय लिंग 87, और 18-19 आयु वर्ग के मतदाता 14,29,379 बढ़े। जेंडर रेशियो में 10 अंकों की वृद्धि हुई।
सर्वाधिक वृद्धि वाले 5 जिले प्रयागराज (3,29,421), लखनऊ (2,85,961), बरेली (2,57,920), गाजियाबाद (2,43,666), और जौनपुर (2,37,590) थे।
सर्वाधिक वृद्धि वाले 5 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र साहिबाबाद (82,898), जौनपुर (56,118), लखनऊ पश्चिम (54,822), लोनी (53,679), और फिरोजाबाद (47,757) थे।
नोटिसों की सुनवाई के संबंध में, 1.04 करोड़ मतदाताओं का मिलान नहीं हुआ और 2.22 करोड़ मतदाताओं में तार्किक विसंगतियाँ थीं। शत-प्रतिशत नोटिस जारी किए गए, वितरित हुए और 27 मार्च 2026 तक शत-प्रतिशत सुनवाई हुई।
विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के दिशा-निर्देशों के अनुसार, 06-01-2026 को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची से बिना नोटिस और उचित प्रक्रिया के कोई नाम विलोपित नहीं किया गया।
राजनीतिक दलों की सहभागिता में, राज्य स्तर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में 5 बैठकें आयोजित की गईं और जिला तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा कुल 3090 बैठकें की गईं। विभिन्न दलों के 5,82,877 बूथ लेवल एजेंटों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
दावा एवं आपत्ति अवधि में चार विशेष अभियान दिवस (11 जनवरी, 18 जनवरी, 31 जनवरी और 22 फरवरी 2026) आयोजित किए गए, जिनमें पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने विभिन्न जनपदों में स्थलीय निरीक्षण कर अभियान की प्रगति की समीक्षा की, बैठकों में भाग लिया और उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों को सम्मानित किया।
शिकायतों के निस्तारण में, राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल (NGSP) पर उत्तर प्रदेश को देश में प्रथम स्थान मिला। 1,08,529 शिकायतों में से 99.8% का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया गया। ‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ सुविधा में भी उत्तर प्रदेश को प्रथम स्थान मिला, जहाँ 8,63,297 कॉल बुक की गईं और 97% मतदाताओं से संपर्क किया गया।
मतदाता हेल्पलाइन (SCC-1800-180-1950 और DCC-1950) पर राज्य स्तर पर लगभग 34,000 और जिला स्तर पर 85,397 कॉल प्राप्त हुईं, जिनका समाधान किया गया।
भारत निर्वाचन आयोग के जन शिकायत निवारण प्रणाली (PGRS) सेल से प्राप्त 431 शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण किया गया।
विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से कुल 107 ज्ञापन प्राप्त हुए, जिनमें समाजवादी पार्टी से 85, भाजपा से 10, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से 9, बहुजन समाज पार्टी से 1, सीपीआई(एम) से 1 और आम आदमी पार्टी से 1 ज्ञापन शामिल थे। सभी शिकायतों का निस्तारण किया गया।
अपील प्रक्रिया के तहत, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के निर्णय से असंतुष्ट व्यक्ति 15 दिनों के भीतर जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रथम अपील कर सकता है, और जिला मजिस्ट्रेट के निर्णय से असंतुष्ट व्यक्ति 30 दिनों के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष द्वितीय अपील कर सकता है।


