उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती (नेपाल) जिलों में 130 मदरसों एवं इबादतगाहों पर बुलडोजर का इस्तेमाल।
दो महीने के अंदर अवैध घोषित करने के बाद शुरू किया गया यह ध्वस्तीकरण अभियान, मदरसे और दरगाह रहे खास निशाने पर, योगी सरकार का अभियान जारी रखने के संकेत।
लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त आदेश पर पिछले दो महीनों में नेपाल सीमा से लगे सात जिलों में अवैध अतिक्रमण और गैर-मान्यता प्राप्त धार्मिक संस्थाओं पर बड़े पैमाने पर बुलडोजर चलाया गया।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस दौरान में कुल 298 मस्जिदों, ईदगाहों, मदरसों और दरगाहों को चिह्नित किया गया, जबकि 223 इलीगल स्ट्रक्चर घोषित करते हुए नोटिस जारी किए गए। 1988 इलीगल स्ट्रक्चर को सील किया गया और 130 इल्लीगल स्ट्रक्चर ध्वस्त किया गया। पीलीभीत, श्रावस्ती बलरामपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सिद्धार्थ नगर और महराजगंज में बुलडोजर चलाया गया।
अवैध निर्माणों के खिलाफ सबसे ज्यादा कार्रवाई श्रावस्ती जिले में हुई, जहां 149 अवैध निर्माण चिह्नित किए गए, जिनमें से 140 को सील कर दिया गया और 37 को बुलडोज कर दिया गया।
जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा के 10 किलोमीटर के दायरे में सरकारी और निजी जमीन पर बने इलीगल धार्मिक ढांचों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
इस पूरे प्रकरण में मिल्ली तंजीम या राजनीतिक पार्टियों कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
हाल ही में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड 3 अगस्त 2025 को लखनऊ में इस्लामिक सेंटर में मीटिंग मुनक्कद हुई थी। लेकिन ऐसे मामले में बोर्ड गंभीर नहीं जहां पर इबादतगाहो , मदरसो , खानकाहों पर सरकार लगातार बुलडोजर चला रही है ।
गौरतलब है कि कि वक्फ बाय यूजर पे स्टे के साथ सुप्रीम कोर्ट में फैसला सुरक्षित होने के बावजूद पेटीशनर ऐसे मामले को कोर्ट में नहीं उठा रहे है।


